भारत को अक्सर “डायबिटीज़ कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” कहा जाता है। देश में मधुमेह (Diabetes) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, तनाव, असंतुलित आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी ने इस समस्या को गंभीर बना दिया है।
इसी कारण भारत को अधिक प्रशिक्षित डायबेटोलॉजी विशेषज्ञों की आवश्यकता है।
AIHMS आधिकारिक वेबसाइट: https://www.aihms.in
पीजी डिप्लोमा इन डायबेटोलॉजी: https://www.aihms.in/PG-Diploma-in-Diabetology.html
भारत में डायबिटीज़ क्यों बढ़ रही है?
✔ बैठा रहने वाली जीवनशैली
✔ जंक फूड और हाई-कैलोरी डाइट
✔ मोटापा
✔ आनुवंशिक कारण
✔ शहरी तनाव
यदि समय पर नियंत्रण न किया जाए तो डायबिटीज़ गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है:
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हृदय रोग
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किडनी फेलियर
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आंखों की समस्या
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स्ट्रोक
सामान्य चिकित्सक क्यों पर्याप्त नहीं?
डायबिटीज़ एक जटिल और दीर्घकालिक रोग है। इसके लिए आवश्यक है:
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उन्नत क्लिनिकल प्रबंधन
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इंसुलिन थेरेपी विशेषज्ञता
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ग्लूकोज मॉनिटरिंग
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लाइफस्टाइल काउंसलिंग
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जटिलताओं की रोकथाम
एक प्रशिक्षित डायबेटोलॉजिस्ट मरीज को समग्र और आधुनिक उपचार प्रदान करता है।
AIHMS में पीजी डिप्लोमा इन डायबेटोलॉजी
AIHMS का यह कोर्स चिकित्सा पेशेवरों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करता है।
प्रमुख विषय:
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डायबिटीज़ की पैथोफिज़ियोलॉजी
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क्लिनिकल केस मैनेजमेंट
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दवा और इंसुलिन थेरेपी
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लाइफस्टाइल संशोधन
यह कोर्स डॉक्टरों को बेहतर करियर अवसर और उच्च आय क्षमता प्रदान करता है।
करियर अवसर
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डायबिटीज़ क्लिनिक
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मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल
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निजी प्रैक्टिस
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टेलीमेडिसिन
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कॉर्पोरेट हेल्थ सेक्टर
भविष्य की आवश्यकता
भारत को ऐसे विशेषज्ञों की आवश्यकता है जो:
✔ रोकथाम पर ध्यान दें
✔ मरीजों को शिक्षित करें
✔ जटिलताओं को कम करें
डायबेटोलॉजी आने वाले वर्षों में सबसे अधिक मांग वाला स्पेशलाइजेशन होगा।
